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Noida के स्कूल वालों सावधान! फीस बढ़ोतरी से लेकर यूनिफॉर्म और किताबों तक को लेकर आया आदेश

गौतमबुद्धनगर में नए सत्र से पहले स्कूल फीस को लेकर सख्त नियम लागू किए गए हैं, जिससे अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है. अब मनमानी फीस बढ़ोतरी, यूनिफॉर्म बदलाव और महंगी किताबों के दबाव पर प्रशासन ने कड़ा एक्शन लेने का फैसला किया है.

Noida के स्कूल वालों सावधान! फीस बढ़ोतरी से लेकर यूनिफॉर्म और किताबों तक को लेकर आया आदेश
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मोहम्मद रज़ा
By: मोहम्मद रज़ा3 Mins Read

Updated on: 8 April 2026 4:06 PM IST

Gautam Buddha Nagar School: गौतमबुद्धनगर में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहले स्कूल फीस को लेकर अहम फैसले लिए गए हैं. जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में हुई जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक में साफ कर दिया गया कि इस बार स्कूल मनमानी तरीके से फीस नहीं बढ़ा सकेंगे. तय किया गया है कि अधिकतम 7.23 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ोतरी की अनुमति होगी. इससे अधिक फीस लेने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बैठक में छात्रों और अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश भी दिए गए. स्कूलों को एनसीईआरटी की किताबों को प्राथमिकता देने को कहा गया है, ताकि महंगी निजी किताबों के दबाव से बचा जा सके.

शिकायत दर्ज करने के लिए कौनसा पोर्टल?

साथ ही अभिभावकों की शिकायतों के समाधान के लिए [email protected] पोर्टल और mailto:[email protected] ईमेल आईडी जारी की गई है. यहां पेरेंट्स फीस या अन्य समस्याओं को लेकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं. नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर 1 लाख से 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और बार-बार नियम तोड़ने पर मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है.

कोर्स खरीदने पर क्या हुआ फैसला?

समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी स्कूल बच्चों या उनके अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताबें, यूनिफॉर्म या अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेगा. अभिभावकों को अपनी सुविधा के अनुसार बाजार से सामान खरीदने की पूरी स्वतंत्रता होगी. इसके अलावा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बिना अनुमति या एनओसी के किसी भी स्कूल में स्विमिंग पूल संचालित करने पर रोक लगा दी गई है.

कैसे बनेगी पारदर्शिता?

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि फीस बढ़ोतरी से जुड़ी पूरी जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक करें. प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि नियमों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

यूनिफॉर्म पर क्या हुआ फैसला?

यूनिफॉर्म और किताबों को लेकर भी अभिभावकों को बड़ी राहत दी गई है. अब स्कूल हर साल यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेंगे, बल्कि इसमें बदलाव कम से कम पांच साल के अंतराल के बाद ही किया जा सकेगा. इसके साथ ही हर साल किताबें बदलने की प्रथा पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि अनावश्यक खर्च से बचा जा सके.

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